My Hindi Sex Stories – Riya Sex With Boss For Promotion Mera naam Riya Hai or mai apne boss se kaise chudi promotion k liye aaj wo kahani aap logo se share krne jaa rahi hu ऑफिस की रात

मैंने अपने काले स्टिलेटो हाई-हील्स की टिक-टिक आवाज़ के साथ ऑफिस की चमचमाती फर्श पर कदम बढ़ाए। शाम के सात बज चुके थे। फ्लोरोसेंट लाइट्स की रोशनी धुंधली पड़ चुकी थी, और मिस्टर अर्णव कपूर के कॉर्नर ऑफिस का दरवाजा लैपटॉप की नीली स्क्रीन की चमक से झांक रहा था।
मेरी पेंसिल स्कर्ट जांघों पर सरक रही थी, और भीतर वही पुरानी बेचैनी जाग उठी थी—वो अधीर कुत्ता जो हर शुरुआती चुंबन से पहले मुझे बेकाबू कर देता है।मैंने गहरी सांस ली, सीने में समेटी और दरवाजे पर नॉक किया।
“कम इन,” अंदर से उनकी गहरी, मखमली आवाज़ आई।
मैंने दरवाजा धकेला और चेहरे पर मासूम मुस्कान चिपका ली, लेकिन निगाहें सीधे उनके होंठों पर टिक गईं। अर्णव ने ब्लेंडर के बाद स्कॉच का एक लंबा घूंट लिया, गिलास डेस्क पर रखा और मेरी ओर मुड़े। कमरे में सिगार की हल्की धुंआदार खुशबू और सीडरवुड की मीठी महक फैली हुई थी।
“तुम ही वो हो, जिसने प्रेजेंटेशन में ‘फाइनेंशियल क्राइसिस’ की जगह ‘फाइनेंशियल क्लाइमैक्स’ लिख दिया था, है न?” उनके होंठों पर शरारत भरी मुस्कान थी। मैंने मुस्कुराकर जवाब दिया, “सर, आजकल क्लाइमैक्स की बात हर तरफ चल रही है।” “तो?” वह आधा बोलते हुए कुर्सी से उठ खड़े हुए।
उनका छह फुट का कद मेरी पांच फुट तीन इंच की देह पर छा गया। “तुम्हारा क्लाइमैक्स कब आएगा?”मैंने धीरे से दरवाजा बंद किया, ब्लाइंड्स घुमाए और खिड़की के पार चमकती सिटी लाइट्स की ओर एक नजर दौड़ाई।
फिर मैंने अपना हेयर बैंड खोल दिया। बालों की लहरें कंधों पर बिखर गईं, तो उनकी सांसें भारी हो गईं। “आप भी तो तह तक जाते हैं, सर। आज जाने देंगे या अंदर तक डुबकी लगाएंगे?”वह दो कदम आगे बढ़े और कुर्सी पर बैठते हुए बोले, “यहाँ आओ।”
मैंने एड़ियों को धीरे-धीरे फर्श पर रगड़ते हुए उनके पास पहुंची। भीतर जोश झाग की तरह उभर रहा था—दबी हुई तड़प। जैसे ही मैं सामने आई, उन्होंने बिना बोले मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी गोद में खींच लिया। अगले ही पल मेरी स्कर्ट कूल्हों तक सरक गई।
मैं उनकी मजबूत जांघों पर बैठी थी—जितनी अंधेरे साम्राज्य की गद्दी, उतनी ही ताकतवर।“रिया, कहो आज मैं तुम्हें क्या करूं?” उन्होंने मेरे जबड़े को पकड़कर मेरी आंखों में देखा।
“जी भर के खाइए, मेरे मालिक,” ये शब्द मेरे गले से निचुड़कर निकले। उन्होंने शराब जैसी सुघड़ हंसी के साथ मुझे एक झटके में डेस्क पर लिटा दिया। मेरी स्कर्ट पूरी तरह कमर तक चढ़ गई; तंग ब्लाउज टेंशन से फूलता नजर आ रहा था।
“आंखें बंद करो,” उन्होंने कहा। मैंने वैसा किया। अंधेरा छा गया—उन्होंने ब्लाइंड्स और लाइट्स दोनों बंद कर दी थीं। अगले ही पल एहसास हुआ कि उन्होंने मेरी पैंटी एक झटके में फाड़कर उतार फेंकी थी।
ठंडी हवा मेरी भीगी चूत पर मंडराने लगी। उन्होंने मेरी गर्माहट से फैली खुशबू सूंघी—उनकी नाक की टिप को मैंने महसूस किया—फिर उनकी जीभ मेरी चूत के होंठों को पीछे से आगे चाटने लगी। मैंने एड़ियां डेस्क के किनारे टिकाईं और चूतड़ ऊपर उठा दिए। उन्होंने मेरी जांघें दोनों तरफ फैलाईं,
जैसे कोई फल खुल रहा हो। जीभ की पहली स्ट्रोक ने मेरी रगों में आग लगा दी। “तुम काफी भीग रही हो, रिया,” उन्होंने धीरे से कहा और अगले झटके में मेरी उभरी क्लिट को होंठों में भर लिया। “उउँह… फक!” मैं चीख पड़ी। उनकी जीभ उन झिल्लियों पर ब्रेक मार रही थी।
मैंने अपने बाल जकड़ लिए; ब्लाउज की बटनें तनकर फटने को तैयार थीं, सिलवटें मेरे चूचों के आकार को बेनकाब कर रही थीं। उन्होंने ब्लाउज ऊपर खींचा, ब्रा की हुक तोड़ी और मेरे दोनों आम मुक्त हो गए। ठंडी हवा ने निप्पल्स को सख्त कर दिया। उन्होंने एक को चूसना शुरू किया, दूसरे को नीचे हाथ घुसेड़ते हुए।
“तुम्हारे ये दूध, रिया… कितने मोटे, गोल,” उन्होंने गाल टिकाकर कहा और चूसने-चाटने में जुट गए। मैंने अपने निप्पल्स दबाने शुरू किए। उनकी जीभ गहरी गुफा में लहरा रही थी। हर स्लर्प और पोर्क की आवाज के साथ मेरी चूत अंदर-बाहर हो रही थी। मैं लड़खड़ा रही थी। मुझे लगा कहीं पेशाब न छूट जाए—वह इतना जोर से वैक्यूम बना रहे थे।
मैंने पेट कसा और उनका सिर पकड़ा। “सर, अब मैं… ओह्ह…” “जो करना है ओरगेज्म होकर करो। जब तक तुम्हें न भगा दूं,” उन्होंने चूत पर ठोकर मारी। उनकी उंगलियां उन फाइलों की तरह पड़ रही थीं, जिन्हें वह रोज साइन करते। बीच-बीच में रुककर वे मेरी टींग्स नीचे घुसाते, प्यूबिक हेयर्स को नाखून से सहलाते।
“मुझे बेसब्र मत करो,” मैंने आंखें बंद कर कहा। “यह वफादारी का टेस्ट है, बेबी। बॉस को सब्र करना पड़ता है, नहीं?” फिर उन्होंने मेरी दाहिनी जांघ पर दांत गड़ा दिए—नरम लेकिन दर्द भरा। “आई जस्ट वांट यू इनसाइड मी,” मैं कराही। “तो वही कर रहा हूं,” कहकर उन्होंने तीन उंगलियां मेरी चूत में धकेल दीं।
मैंने सीना ऊपर किया, पैर उल्टा V बनाया ताकि वे जड़ तक पहुंचें। फिर हाथ निकाला और जीभ से आखिरी रगड़दार स्ट्रोक लगाया। मेरी चूत से नमकीन पानी फूट पड़ा। मैंने बूब्स दबाना भूलकर हाथ घुसा दिए—खुद को संभालने की कोशिश में। “क्या बात है, देवी… माल लूट गया,” उन्होंने मेरे निचुड़े टिश्यू को सहलाया।
“मैं आपकी कीमत चुका दूं, बॉस,” मैंने भीगी आवाज में कहा। “तो चुकाओ,” वह खड़े हुए और मेरी स्कर्ट हटाते हुए मुझे चेयर की ओर घुमाया। “आज आपकी सोफा-कॉस्ट कितनी है? ड्रिंक्स के बिना?” मैंने छेड़ा। “जितने में मेरा एचडी स्टॉक आठ मिनट टिकता है,” कहते हुए उन्होंने बेल्ट खोली। मैंने ब्लाउज उतार फेंका, ब्रा भी फेंकी—पियर्स्ड निप्पल्स लटकते रहे।
उन्होंने मुझे साइड स्ट्रोक में डेस्क पर पटका, हाथों को स्कॉच बॉटल के पास नैपकिन से बांध दिया। “इसको बी.डी.एस.एम. समझो, रिया—बिजनेस डेस्क सेंसुअल मिनटेनेंस,” उन्होंने हंसते हुए कहा। मुझे जबरदस्त मजा आया। मैंने बूब्स रोल किए, उन्होंने उन्हें मुट्ठी में भर लिया। एक को चूसते हुए बोले, “तुम मेरी माउस क्लिक हो—स्टॉक एक्सचेंज में भी।”
“यूं ही मेरे ऊपर राइस ट्रेडिंग करिए,” मैंने तीखा इशारा किया। उन्होंने निप्पल को होंठों से खींचा, दूसरे को हाथ से मसल दिया। मैं चीखी। “कीप मी वेटिंग,” मैंने सांस लेते कहा। “इस समय काफी डाटा हूं,” वह बोले और दोनों उरोजों के बीच अपना लंड ठूंसा। मैंने स्तनों को उसकी टेढ़ी रॉड पर चिपकाया।
“एक बार पूरा एंट्रेंस लीजिए। इस बेटिंग कंची की करेंसी में डॉलर की तरह घुसूंगी।” “मुझे तो मोटी चूत की गपलेटिनियों से काम है,” कहकर उन्होंने मेरी टाइट छेद को चौड़ा किया और स्ट्रोकिंग शुरू की। मैंने बूब्स निचोड़ते हुए उसके बोनर को दबाया। उन्होंने नीचे से मजा लेते हुए थोबड़ा काटा।
“शट अप, रिया। निप्पल्स बढ़ाने दो,” वह हंसे और निप्पल्स को अंगूठे से मसोड़ते हुए दबाया। आंसू आ गए, लेकिन मैंने होंठ बंद रखे। मैंने उनकी थ्रोबिंग कॉक को स्तनों के बीच क्लासिक टीटी-फक किया। हर स्ट्रोक पर उनका हेड मेरे होंठों तक आता—मैंने खुद टिप चूस ली। “बहुत मीठा… एक्स्ट्रा प्रेनी कमाल है।” “अभी मुंह में फेंकूं?” “जहां चाहें डालिए—जहन्नुम या हैवन,” मैं सिसकारी। उन्होंने बाहर खींचा, बंधन खोला, कमर पकड़ी।
मैं डेस्क पर मुड़ी, स्तन नीचे लटके, चूतड़ ऊपर। “डॉगी?” मैंने पूछा। “कैसे-कैसे माल याद रखती हो,” उन्होंने जीभ चटाई और बट-चीक्स खोले। मेरी चूत हफ्ते से भीगी थी। उन्होंने लंड का टॉप घिसा और एक झटके में पूरा धकेल दिया—पहले हेड, फिर हाफ, फिर फुल।
मैं दबाव सहती गई, उनकी क्लैंपिंग रिदम ने मुझे जकड़ लिया। “ले लो, लीडर,” वह गालियां देते फट-फट धक्के मार रहे थे। मैंने बाहें फैलाईं, उनका नाम पुकारा—अर्णव—क्योंकि सब कुछ गरम टेपेस्ट्री जैसा लग रहा था। स्पीड पांचवें गियर पर पहुंची। हर स्लैप के साथ मेरी गुड़िया सलामी बजा रही थी।
मैंने चेहरा डेस्क पर दबाया, चूत और गला दोनों खोल दिए। “गो… गिम मी मोर हॉट फक।” “फकिंग होर,” वह जोश में कंधे पकड़कर ठेलते गए। मेरी मूत फव्वारे सी फूटी, मैं झड़ गई। टांगें कांप रही थीं, आंखों के सामने लाल चक्र घूम रहे थे।
“मुझे कुछ भी कर लीजिए, सर,” मैं थरथराई। “कॉल मी अर्णव, जब तक तुम्हारी क्वींस निकाल रहा हूं,” कहकर उन्होंने मेरी चूत को थपकी और खुद भी अंदर बम ब्लास्ट कर दिया। वह मेरी पीठ पर गिरे। सांसें दौड़ रही थीं। मैं उठी, डेस्क से स्लाइड हुई और कांपती मुस्कान दी। हमने हल्के से बाल राखे—लगा नया प्रोजेक्ट शुरू हुआ है।
“अब?” मैंने पूछा। “कैलेंडर नोट कर लो—मीटिंग रोज नाइन,” उन्होंने मेरी पीठ पर मुहर लगाई और टाई मेरे हाथ में थमा दी। “जी, बॉस,” मैंने टाई को निप्पल्स पर घिसते हुए कहा। अगस्त की बारिश भीगी रात मेरे भीतर घुल गई। ब्लाउज बिना बंद किए मैंने सोचा—आइंदा ओवरटाइम में बॉस की स्प्रेडशीट पर चढ़ जाऊंगी।