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	<title>xxxindianstories &#8211; DesiMMSadda – Desi porn mms video</title>
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	<description>Watch the Latest Desi porn mms, Bhojpuri, Village &#38; Viral MMS Videos – Fast, Free &#38; HD Streaming</description>
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		<title>December ki thand mein rapido biker ke saath Sex</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 09:47:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[December ki thand mein rapido biker ke saath Sex Hindi sex stories – एक रॉमांटिक और बेहद गरम कहानी मेरा नाम नेहा है। उम्र 38 साल, शादीशुदा, दो प्यारे बच्चे। पति अच्छे हैं, लेकिन काम की वजह से ज्यादातर थके-मांदे रहते हैं। हमारा सेक्स हफ्ते में 2-3 बार होता है – ठीक-ठाक, लेकिन वो आग [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>December ki thand mein rapido biker ke saath Sex Hindi sex stories</strong> – एक रॉमांटिक और बेहद गरम कहानी</p>



<p class="wp-block-paragraph">मेरा नाम नेहा है। उम्र 38 साल, शादीशुदा, दो प्यारे बच्चे। पति अच्छे हैं, लेकिन काम की वजह से ज्यादातर थके-मांदे रहते हैं। हमारा सेक्स हफ्ते में 2-3 बार होता है – ठीक-ठाक, लेकिन वो आग जो कभी जवान थी, अब धीमी पड़ चुकी है। फिर भी मैं खुद को फिट रखती हूँ। जिम जाती हूँ, स्किन ग्लो करती है, और अंदर से एक ऐसी प्यास है जो कभी-कभी बेकाबू हो जाती है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="300" height="225" src="https://desimmsadda.link/wp-content/uploads/2026/02/purple-head-desi-girl-holding-huge-milk-tankers-300x225-1.webp" alt="December ki thand mein rapido biker ke saath Sex Hindi sex stories " class="wp-image-101"/></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph">मैं ऑफिस से घर मेट्रो या रैपिडो से आती-जाती हूँ। दिसंबर की वो ठंडी शाम याद है – हवा इतनी तेज़ कि हड्डियाँ कंपकंपा रही थीं। ऑफिस में दिनभर काम के साथ-साथ मैंने कुछ हॉट सेक्स स्टोरीज पढ़ ली थीं। मन में आग लग गई थी, चूत गीली हो रही थी, लेकिन टाइम नहीं मिला खुद को छूने का। जल्दी से रैपिडो बुक किया और बाहर निकली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐप में नाम आया – <strong>अर्जुन</strong>। 28-30 साल का लग रहा था। बाइक पर बैठा था, ब्लैक जैकेट, हेलमेट उतारे हुए। लंबा, चौड़ी छाती, हाथों में वो बाइक चलाने वाली मजबूत पकड़। मैंने हेलमेट नहीं पहना, बोली – “भाई, ठंड बहुत है, हेलमेट मत पहनाओ प्लीज।” वो मुस्कुराया, “कोई बात नहीं मैम, आप आराम से बैठ जाओ।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैं पीछे बैठी। उसकी कमर पकड़ने के बहाने हाथ उसकी जैकेट पर रख दिए। बाइक चली तो ठंडी हवा चेहरे पर लग रही थी, लेकिन उसके शरीर की गर्मी मुझे महसूस हो रही थी। थोड़ी दूर गईं कि अचानक बारिश शुरू हो गई – तेज़, ओले वाली। हम दोनों भीगने लगे। अर्जुन ने बाइक रोकी, बोला – “मैम, ये बारिश रुकने वाली नहीं। आगे एक पुराना शेड है, वहाँ रुक जाएँ? कपड़े सूख जाएँगे।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने हाँ कर दी। दिल धड़क रहा था – डर भी, और एक अजीब सा रोमांच भी। वो बाइक एक सुनसान, जर्जर पुराने मकान के पीछे ले गया। शेड था, अंदर कमरा – पुराना, लेकिन सूखा। उसने बाइक खड़ी की और बोला – “अंदर चलिए, ठंड कम लगेगी।”</p>



<h5 class="wp-block-heading has-text-align-center"><strong>December ki thand mein rapido biker ke saath Sex Hindi sex stories</strong></h5>



<p class="wp-block-paragraph">अंदर गए। अंधेरा था, उसने फोन की टॉर्च जलाई। कुछ पुरानी बोरियाँ पड़ी थीं। उसने लकड़ियाँ जुटाईं, छोटी-सी आग जलाई। कमरा धीरे-धीरे गर्म होने लगा। हम दोनों भीग चुके थे। उसने अपनी जैकेट उतारी, फिर शर्ट। बदन फिट, छाती पर हल्के बाल, पेट पर वो लकीरें जो जिम करने वालों की होती हैं। वो बोला – “मैम, आप भी गीले हो। सलवार उतार लो, सूख जाएगी।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">पहले तो झिझक हुई, लेकिन ठंड से काँप रही थी। मैंने सलवार उतारी, सिर्फ टाइट टॉप और नेट की पैंटी में थी। वो मेरी तरफ देख रहा था – आँखों में भूख, लेकिन प्यार भरी नजर। उसने अपना पैंट उतारा, अंडरवियर में था। उसका <strong>लंड</strong> पहले से ही सख्त हो रहा था – मोटा, लंबा, जैकेट के नीचे छिपा हुआ था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वो मेरे पास आया, बोला – “पास बैठ जाओ, ठंड कम लगेगी।” मैं उसके बगल में बैठ गई। उसकी नंगी जाँघ मेरी जाँघ से सटी। उसने धीरे से मेरी कमर पर हाथ रखा। मैंने विरोध नहीं किया। उसका हाथ धीरे-धीरे ऊपर चढ़ा, मेरे टॉप के नीचे। मेरी <a href="https://desimmsadda.link/desi-mms-of-fucking-big-boobs-girl-after-college/" data-type="post" data-id="78"><strong>बूब्स</strong> </a>पर हाथ फेरा – निप्पल्स पहले से खड़े थे। वो फुसफुसाया – “नेहा जी… आप कितनी खूबसूरत हो… आज की बारिश ने आपको और भी हॉट बना दिया।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैं शरमा गई, लेकिन मन कह रहा था – बस होने दो। उसने मेरे होंठों पर होंठ रख दिए। पहले हल्का किस, फिर गहरा। जीभ अंदर डाली, मैंने भी साथ दिया। हम दोनों एक-दूसरे को चूमते रहे – जैसे सालों से प्यार था। उसने मेरी ब्रा के हुक खोले, <strong>बूब्स</strong> बाहर आए। मोटे, भरे हुए। उसने निप्पल मुँह में लिया, चूसने लगा – धीरे-धीरे, फिर जोर से। मैं सिसकार रही थी – “आह्ह… अर्जुन… और चूसो…”</p>



<p class="wp-block-paragraph">उसने मुझे बोरियों पर लिटाया। मेरी पैंटी उतारी। <strong>चूत</strong> गीली थी, चमक रही थी। उसने जीभ रखी – पहले होंठ चाटे, फिर क्लिट पर जीभ घुमाई। मैं पागल हो गई – “उफ्फ… अर्जुन… कितना अच्छा लग रहा है… मत रुको…” वो जीभ अंदर तक घुसा रहा था, चूस रहा था। मैं दो बार झड़ गई – पानी बह रहा था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फिर मैंने उसका अंडरवियर उतारा। <strong>लंड</strong> बाहर आया – 7-8 इंच का, मोटा, सुपारा लाल। मैंने हाथ में पकड़ा, सहलाया। फिर मुँह में लिया – चूसने लगी। वो कराह रहा था – “नेहा… तुम्हारा मुँह कितना गरम है… चूसो और जोर से…”</p>



<p class="wp-block-paragraph">हम 69 में थे – वो मेरी चूत चाट रहा था, मैं उसका <strong>लंड</strong> चूस रही थी। फिर वो ऊपर आया। <strong>लंड</strong> मेरी चूत पर रखा। धीरे से अंदर किया। मैं चीखी – “आह्ह… धीरे… बड़ा है तेरा…” लेकिन वो धीरे-धीरे पूरा अंदर कर गया। फिर ठोकना शुरू – फच्च-फच्च की आवाजें। आग की रोशनी में हम दोनों पसीने से तर-बतर।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने कहा – “अर्जुन… जोर से चोदो… मेरी चूत फाड़ दो… आज तुम्हारी हूँ…” वो और तेज़ हुआ। मेरी <strong>टाँगें</strong> उसके कंधों पर। पूरी स्पीड से धक्के। मैं फिर झड़ी। वो बोला – “नेहा… मैं भी आने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?” मैंने उसकी कमर पकड़ी – “अंदर… मेरी चूत में ही झाड़ दो… अपना सारा माल दे दो…”</p>



<p class="wp-block-paragraph">उसने जोर के झटके दिए और गरम-गरम वीर्य मेरी चूत में भर दिया। मैं महसूस कर रही थी – वो धड़क रहा था अंदर। हम दोनों एक-दूसरे पर लेट गए। वो मेरे होंठ चूम रहा था, मैं उसकी पीठ सहला रही थी। जैसे प्यार हो गया हो अचानक।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बारिश थम गई। हमने कपड़े पहने। वो मुझे घर छोड़ने आया। जाते वक्त मैंने पैसे दिए, लेकिन उसने मना कर दिया। बोला – “नेहा जी… आज की शाम पैसे से ज्यादा कीमती है। मैंने जो माँगा था, वो पैसे नहीं… तुम्हारी वो मुस्कान, वो गर्माहट… वो मिल गया।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने उसे आखिरी बार किस किया और घर चली गई। लेकिन वो रात… वो ठंड… वो बारिश… और वो <strong>अर्जुन</strong> का स्पर्श – आज भी याद आता है तो चूत गीली हो जाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>December ki thand mein rapido biker ke saath Sex Hindi sex stories</strong> – और मुझे वो “कुछ और” देने में कितना मजा आया, वो सिर्फ मैं और वो जानते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कैसी लगी ये हॉट और रोमांटिक वाली कहानी? कमेंट में बताना जरूर! </p>



<p class="has-text-align-center wp-block-paragraph"><strong>Read More Chudai Story Hindi Me</strong></p>



<p class="has-text-align-center wp-block-paragraph"><strong><a href="https://desimmsadda.link/blog/chudai-story-hindi-me/" data-type="link" data-id="https://desimmsadda.link/blog/chudai-story-hindi-me/">Chudai Story Hindi Me – पड़ोस की भाभी की प्यास बुझाई</a></strong></p>



<p class="has-text-align-center wp-block-paragraph"><a href="https://desimmsadda.link/blog/jiju-saali-chudai-real-hindi-sex-stories/"><strong>Jiju Saali Chudai Real Hindi SEX Stories</strong></a></p>



<p class="has-text-align-center wp-block-paragraph"><a href="https://desimmsadda.link/blog/my-hindi-sex-stories/">My Hindi Sex Stories – Riya Sex With Boss For Promotion</a></p>
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		<title>My Hindi Sex Stories &#8211; Riya Sex With Boss For Promotion</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 11:37:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[My Hindi Sex Stories &#8211; Riya Sex With Boss For Promotion Mera naam Riya Hai or mai apne boss se kaise chudi promotion k liye aaj wo kahani aap logo se share krne jaa rahi hu ऑफिस की रात मैंने अपने काले स्टिलेटो हाई-हील्स की टिक-टिक आवाज़ के साथ ऑफिस की चमचमाती फर्श पर कदम [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>My Hindi Sex Stories</strong> &#8211; Riya Sex With Boss For Promotion Mera naam <strong>Riya</strong> Hai or mai apne boss se kaise chudi promotion k liye aaj wo kahani aap logo se share krne jaa rahi hu ऑफिस की रात</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="390" height="218" src="https://desimmsadda.link/wp-content/uploads/2026/02/1.webp" alt="My Hindi Sex Stories - Sex With Boss For Promotion" class="wp-image-30" srcset="https://desimmsadda.link/wp-content/uploads/2026/02/1.webp 390w, https://desimmsadda.link/wp-content/uploads/2026/02/1-300x168.webp 300w, https://desimmsadda.link/wp-content/uploads/2026/02/1-320x180.webp 320w, https://desimmsadda.link/wp-content/uploads/2026/02/1-150x84.webp 150w" sizes="(max-width: 390px) 100vw, 390px" /></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph">मैंने अपने काले स्टिलेटो हाई-हील्स की टिक-टिक आवाज़ के साथ ऑफिस की चमचमाती फर्श पर कदम बढ़ाए। शाम के सात बज चुके थे। फ्लोरोसेंट लाइट्स की रोशनी धुंधली पड़ चुकी थी, और मिस्टर अर्णव कपूर के कॉर्नर ऑफिस का दरवाजा लैपटॉप की नीली स्क्रीन की चमक से झांक रहा था। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मेरी पेंसिल स्कर्ट जांघों पर सरक रही थी, और भीतर वही पुरानी बेचैनी जाग उठी थी—वो अधीर कुत्ता जो हर शुरुआती चुंबन से पहले मुझे बेकाबू कर देता है।मैंने गहरी सांस ली, सीने में समेटी और दरवाजे पर नॉक किया।<br>“कम इन,” अंदर से उनकी गहरी, मखमली आवाज़ आई। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने दरवाजा धकेला और चेहरे पर मासूम मुस्कान चिपका ली, लेकिन निगाहें सीधे उनके होंठों पर टिक गईं। अर्णव ने ब्लेंडर के बाद स्कॉच का एक लंबा घूंट लिया, गिलास डेस्क पर रखा और मेरी ओर मुड़े। कमरे में सिगार की हल्की धुंआदार खुशबू और सीडरवुड की मीठी महक फैली हुई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">“तुम ही वो हो, जिसने प्रेजेंटेशन में ‘फाइनेंशियल क्राइसिस’ की जगह ‘फाइनेंशियल क्लाइमैक्स’ लिख दिया था, है न?” उनके होंठों पर शरारत भरी मुस्कान थी। मैंने मुस्कुराकर जवाब दिया, “सर, आजकल क्लाइमैक्स की बात हर तरफ चल रही है।” “तो?” वह आधा बोलते हुए कुर्सी से उठ खड़े हुए। </p>



<p class="wp-block-paragraph">उनका छह फुट का कद मेरी पांच फुट तीन इंच की देह पर छा गया। “तुम्हारा क्लाइमैक्स कब आएगा?”मैंने धीरे से दरवाजा बंद किया, ब्लाइंड्स घुमाए और खिड़की के पार चमकती सिटी लाइट्स की ओर एक नजर दौड़ाई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फिर मैंने अपना हेयर बैंड खोल दिया। बालों की लहरें कंधों पर बिखर गईं, तो उनकी सांसें भारी हो गईं। “आप भी तो तह तक जाते हैं, सर। आज जाने देंगे या अंदर तक डुबकी लगाएंगे?”वह दो कदम आगे बढ़े और कुर्सी पर बैठते हुए बोले, “यहाँ आओ।” </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने एड़ियों को धीरे-धीरे फर्श पर रगड़ते हुए उनके पास पहुंची। भीतर जोश झाग की तरह उभर रहा था—दबी हुई तड़प। जैसे ही मैं सामने आई, उन्होंने बिना बोले मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी गोद में खींच लिया। अगले ही पल मेरी स्कर्ट कूल्हों तक सरक गई। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैं उनकी मजबूत जांघों पर बैठी थी—जितनी अंधेरे साम्राज्य की गद्दी, उतनी ही ताकतवर।“रिया, कहो आज मैं तुम्हें क्या करूं?” उन्होंने मेरे जबड़े को पकड़कर मेरी आंखों में देखा। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“जी भर के खाइए, मेरे मालिक,” ये शब्द मेरे गले से निचुड़कर निकले। उन्होंने शराब जैसी सुघड़ हंसी के साथ मुझे एक झटके में डेस्क पर लिटा दिया। <strong>मेरी स्कर्ट पूरी तरह कमर तक चढ़ गई</strong>; तंग ब्लाउज टेंशन से फूलता नजर आ रहा था। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“आंखें बंद करो,” उन्होंने कहा। मैंने वैसा किया। अंधेरा छा गया—उन्होंने ब्लाइंड्स और लाइट्स दोनों बंद कर दी थीं। अगले ही पल एहसास हुआ कि उन्होंने मेरी पैंटी एक झटके में फाड़कर उतार फेंकी थी। </p>



<p class="wp-block-paragraph">ठंडी हवा मेरी <strong>भीगी चूत </strong>पर मंडराने लगी। उन्होंने मेरी गर्माहट से फैली खुशबू सूंघी—उनकी नाक की टिप को मैंने महसूस किया—फिर उनकी जीभ मेरी चूत के होंठों को पीछे से आगे चाटने लगी। मैंने एड़ियां डेस्क के किनारे टिकाईं और चूतड़ ऊपर उठा दिए। उन्होंने मेरी जांघें दोनों तरफ फैलाईं, </p>



<p class="wp-block-paragraph">जैसे कोई फल खुल रहा हो। जीभ की पहली स्ट्रोक ने मेरी रगों में आग लगा दी। “तुम काफी भीग रही हो, रिया,” उन्होंने धीरे से कहा और अगले झटके में मेरी उभरी क्लिट को होंठों में भर लिया। “उउँह… फक!” मैं चीख पड़ी। उनकी जीभ उन झिल्लियों पर ब्रेक मार रही थी। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने अपने बाल जकड़ लिए; ब्लाउज की बटनें तनकर फटने को तैयार थीं, सिलवटें मेरे चूचों के आकार को बेनकाब कर रही थीं। उन्होंने ब्लाउज ऊपर खींचा, ब्रा की हुक तोड़ी और मेरे दोनों आम मुक्त हो गए। ठंडी हवा ने निप्पल्स को सख्त कर दिया। उन्होंने एक को चूसना शुरू किया, दूसरे को नीचे हाथ घुसेड़ते हुए। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“<strong>तुम्हारे ये दूध, रिया… कितने मोटे, गोल,</strong>” उन्होंने गाल टिकाकर कहा और <strong>चूसने-चाटने में जुट</strong> गए। मैंने अपने निप्पल्स दबाने शुरू किए। उनकी जीभ गहरी गुफा में लहरा रही थी। हर स्लर्प और पोर्क की आवाज के साथ मेरी चूत अंदर-बाहर हो रही थी। मैं लड़खड़ा रही थी। मुझे लगा कहीं पेशाब न छूट जाए—वह इतना जोर से वैक्यूम बना रहे थे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने पेट कसा और उनका सिर पकड़ा। “सर, अब मैं… ओह्ह…” “जो करना है ओरगेज्म होकर करो। जब तक तुम्हें न भगा दूं,” उन्होंने चूत पर ठोकर मारी। उनकी उंगलियां उन फाइलों की तरह पड़ रही थीं, जिन्हें वह रोज साइन करते। बीच-बीच में रुककर वे मेरी टींग्स नीचे घुसाते, प्यूबिक हेयर्स को नाखून से सहलाते। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“मुझे बेसब्र मत करो,” मैंने आंखें बंद कर कहा। “यह वफादारी का टेस्ट है, बेबी। बॉस को सब्र करना पड़ता है, नहीं?” फिर उन्होंने मेरी दाहिनी जांघ पर दांत गड़ा दिए—नरम लेकिन दर्द भरा। “आई जस्ट वांट यू इनसाइड मी,” मैं कराही। “तो वही कर रहा हूं,” कहकर उन्होंने तीन उंगलियां मेरी चूत में धकेल दीं। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने सीना ऊपर किया, पैर उल्टा V बनाया ताकि वे जड़ तक पहुंचें। फिर हाथ निकाला और जीभ से आखिरी रगड़दार स्ट्रोक लगाया। मेरी चूत से नमकीन पानी फूट पड़ा। मैंने बूब्स दबाना भूलकर हाथ घुसा दिए—खुद को संभालने की कोशिश में। “क्या बात है, देवी… माल लूट गया,” उन्होंने मेरे निचुड़े टिश्यू को सहलाया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“मैं आपकी कीमत चुका दूं, बॉस,” मैंने भीगी आवाज में कहा। “तो चुकाओ,” वह खड़े हुए और मेरी स्कर्ट हटाते हुए मुझे चेयर की ओर घुमाया। “आज आपकी सोफा-कॉस्ट कितनी है? ड्रिंक्स के बिना?” मैंने छेड़ा। “जितने में मेरा एचडी स्टॉक आठ मिनट टिकता है,” कहते हुए उन्होंने बेल्ट खोली। मैंने ब्लाउज उतार फेंका, ब्रा भी फेंकी—पियर्स्ड निप्पल्स लटकते रहे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने मुझे साइड स्ट्रोक में डेस्क पर पटका, हाथों को स्कॉच बॉटल के पास नैपकिन से बांध दिया। “इसको बी.डी.एस.एम. समझो, रिया—बिजनेस डेस्क सेंसुअल मिनटेनेंस,” उन्होंने हंसते हुए कहा। मुझे जबरदस्त मजा आया। मैंने बूब्स रोल किए, उन्होंने उन्हें मुट्ठी में भर लिया। एक को चूसते हुए बोले, “तुम मेरी माउस क्लिक हो—स्टॉक एक्सचेंज में भी।” </p>



<p class="wp-block-paragraph">“यूं ही मेरे ऊपर राइस ट्रेडिंग करिए,” मैंने तीखा इशारा किया। उन्होंने निप्पल को होंठों से खींचा, दूसरे को हाथ से मसल दिया। मैं चीखी। “कीप मी वेटिंग,” मैंने सांस लेते कहा। “इस समय काफी डाटा हूं,” वह बोले और दोनों उरोजों के बीच अपना लंड ठूंसा। मैंने स्तनों को उसकी टेढ़ी रॉड पर चिपकाया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“एक बार पूरा एंट्रेंस लीजिए। इस बेटिंग कंची की करेंसी में डॉलर की तरह घुसूंगी।” “मुझे तो <a href="https://desimmsadda.link/tags/" data-type="page" data-id="38">मोटी चूत</a> की गपलेटिनियों से काम है,” कहकर उन्होंने मेरी टाइट छेद को चौड़ा किया और स्ट्रोकिंग शुरू की। मैंने बूब्स निचोड़ते हुए उसके बोनर को दबाया। उन्होंने नीचे से मजा लेते हुए थोबड़ा काटा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">“शट अप, रिया। निप्पल्स बढ़ाने दो,” वह हंसे और निप्पल्स को अंगूठे से मसोड़ते हुए दबाया। आंसू आ गए, लेकिन मैंने होंठ बंद रखे। मैंने उनकी थ्रोबिंग कॉक को स्तनों के बीच क्लासिक टीटी-फक किया। हर स्ट्रोक पर उनका हेड मेरे होंठों तक आता—मैंने खुद टिप चूस ली। “बहुत मीठा… एक्स्ट्रा प्रेनी कमाल है।” “अभी मुंह में फेंकूं?” “जहां चाहें डालिए—जहन्नुम या हैवन,” मैं सिसकारी। उन्होंने बाहर खींचा, बंधन खोला, कमर पकड़ी। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैं डेस्क पर मुड़ी, स्तन नीचे लटके, चूतड़ ऊपर। “डॉगी?” मैंने पूछा। “कैसे-कैसे माल याद रखती हो,” उन्होंने जीभ चटाई और बट-चीक्स खोले। मेरी चूत हफ्ते से भीगी थी। उन्होंने लंड का टॉप घिसा और एक झटके में पूरा धकेल दिया—पहले हेड, फिर हाफ, फिर फुल। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैं दबाव सहती गई, उनकी क्लैंपिंग रिदम ने मुझे जकड़ लिया। “ले लो, लीडर,” वह गालियां देते फट-फट धक्के मार रहे थे। मैंने बाहें फैलाईं, उनका नाम पुकारा—अर्णव—क्योंकि सब कुछ गरम टेपेस्ट्री जैसा लग रहा था। स्पीड पांचवें गियर पर पहुंची। हर स्लैप के साथ मेरी गुड़िया सलामी बजा रही थी। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैंने चेहरा डेस्क पर दबाया, चूत और गला दोनों खोल दिए। “गो… गिम मी मोर हॉट फक।” “फकिंग होर,” वह जोश में कंधे पकड़कर ठेलते गए। मेरी मूत फव्वारे सी फूटी, मैं झड़ गई। टांगें कांप रही थीं, आंखों के सामने लाल चक्र घूम रहे थे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“मुझे कुछ भी कर लीजिए, सर,” मैं थरथराई। “कॉल मी अर्णव, जब तक तुम्हारी क्वींस निकाल रहा हूं,” कहकर उन्होंने मेरी चूत को थपकी और खुद भी अंदर बम ब्लास्ट कर दिया। वह मेरी पीठ पर गिरे। सांसें दौड़ रही थीं। मैं उठी, डेस्क से स्लाइड हुई और कांपती मुस्कान दी। हमने हल्के से बाल राखे—लगा नया प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">“अब?” मैंने पूछा। “कैलेंडर नोट कर लो—मीटिंग रोज नाइन,” उन्होंने मेरी पीठ पर मुहर लगाई और टाई मेरे हाथ में थमा दी। “जी, बॉस,” मैंने टाई को निप्पल्स पर घिसते हुए कहा। अगस्त की बारिश भीगी रात मेरे भीतर घुल गई। ब्लाउज बिना बंद किए मैंने सोचा—आइंदा ओवरटाइम में बॉस की स्प्रेडशीट पर चढ़ जाऊंगी।</p>
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